परिचय

परिचय

भारतीय विदेश व्यापार संस्‍थान की स्थापना भारत सरकार द्वारा 1963 में एक स्वशासी संस्था के रूप में की गई थी। इसकी स्थापना के पीछे विदेश व्यापार प्रबंधन को व्यावसायिक रूप देने का उद्देश्य था। इसके अलावा मानवीय संसाधनों के विकास, आंकड़ो के संकलन, विश्लेषण व वितरण व अनुसंधान के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देना था। संस्थान अपनी भूमिका निम्न रूप में दृष्टिगोचर करता है।

  • भारतीय अर्थ व्यवस्था के वैश्वीकरण हेतु नए विचार, अवधारणा व कौशल हेतु उत्प्रेरक के रूप में।
  • निगमित क्षेत्र, सरकार व विद्यार्थियों के लिए अंतराष्ट्रीय व्यवसाय के क्षेत्र में प्रशिक्षण व अनुसंधान आधारित परामर्श देना।
  • प्रायोजित व गैर-प्रायोजित अनुसंधान के द्वारा तथा सलाहकार के रूप में सरकार व व्यापार और उद्योग जगत को सेवा प्रदान करने के लिए अपने ज्ञान को निरंतर उन्नत करने की क्षमता वाला संस्थान।

संस्थान अंतराष्ट्रीय कार्यपालकों व मध्य स्तर के पेशेवरों के लिए लम्बी अवधि के पाठ्यक्रम चलाता है जो कि निम्न हैः

  • द्विवर्षीय एमबीए ( इंटरनेशनल बिजनेस) नई दिल्ली, कोलकाता, दर-ए-सलाम
  • तीन वर्षीय एमबीए (इंटरनेशनल बिजनेस) (अंशकालिक) नई दिल्ली व कोलकाता
  • कार्यपालक मास्टर्स (इंटरनेशनल बिजनेस), नई दिल्ली
  • सर्टिफिकेट कोर्स इन एक्सपोर्ट मैनेजमेंट, नई दिल्ली