भारत में व्‍यवसाय

अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग एवं क्षमता विकास

भारत में व्‍यवसाय करना
प्रस्‍तावना:-

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था ने विगत दशक के दौरान एक प्रतिमान बदलाव देखा है तथा देश बहुत से निवेशकों के लिए व्‍यवसाय करने हेतु एक आकर्षक स्‍थल बन गया है । भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की गतिशीलता और गहराई ने विश्‍व की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रिक फर्मों को आकर्षित किया है और इसके साथ ही भारतीय उद्यमियों को समुद्रपार बाजारों में व्‍यवसाय करने के लिए समर्थ बनाया है । भारत इसके द्वारा व्‍यापार में प्रदान की जाने वाली संवृद्धि की वजह से अन्‍तरराष्‍ट्रीय फर्मों का ध्‍यान आकर्षित करना जारी रखे हुए है । विदेशी प्रचालन आयोजित करने में अन्‍तर्निहित जटिल निर्णय/निर्माण प्रक्रिया को देखते हुए देश के वाणिज्यिक और सामाजिक-सांस्‍कृतिक परिवेश की एक गहन जानकारी और साथ ही तथ्‍य को स्‍वीकारने की जरूरत है कि यह परिवेश सतत रूप से विकसित हो रहा है । जो कम्‍पनियां और व्‍यक्ति भारत में व्‍यापार कर रही हैं अथवा ऐसा करने के लिए योजना बना रही हैं, आईआईएफटी, नई दिल्‍ली का अन्‍तरराष्‍ट्रीय सहयोग और क्षमता विकास विभाग उनके लिए ''भारत में व्‍यवसाय करना'' नामक एक पाठ्यक्रम प्रदान करता है ।

Programme Duration:-

रूचि रखने वाले समूहों, कम्‍पनियों, संस्‍थानों के लिए 7-15 दिन माड्यूल के रूप में एक कार्यक्रम प्रदान किया जाता है । न्‍यूनतम बैच आकार : 15 प्रतिभागी ।

कार्यक्रम के विषय में:-
  • माड्यूल I: भारत को समझना ।
  • माड्यूल II: भारत में कृषि और प्रसंस्‍करित खाद्य क्षेत्रक ।
  • माड्यूल III: भारत क्षेत्रक में सीमाशुल्‍क और आयात विनियम ।
  • माड्यूल IV: भारत में विनिर्माण क्षेत्रक ।
  • विस्‍तृत पाठ्यचर्या डाउनलोड करने के लिए यहॉं क्लिक करें (पाठ्यचर्या को समूह/कम्‍पनी/संस्‍थान आवश्‍यकताओं के आधार पर अ‍शोधित किया जा सकता है) । ''भारत में व्‍यवसाय करना'' कार्यक्रम का विगत में निम्‍नलिखित विश्‍वविद्यालयों/'बी-स्‍कूलों से छात्रों/कार्यकारी प्रतिनिधिमंडलों के लिए सफलतापूर्वक संचालन किया गया :

    नीनरोडे बिजनेस यूनिवर्सिएट, नीदरलेण्‍ड ।
    सारलेण्‍ड यूनिवर्सिटी, जर्मनी ।
    न्‍युजीलेण्‍ड यूनिवर्सिटीज ।

    प्रतिभागी फीडबैक
  • ऐसे विस्‍तृत कार्यक्रम के समन्‍वयन के लिए एक बार फिर धन्‍यवाद । मैं जो अनुभव किया और सीखा उन्‍हें शब्‍दों में व्‍यक्‍त नहीं किया जा सकता है । अब भी मैं अपने आपको उन सभी बातों को सोचता रहता हूँ जो मैंने देखी, सुनी, अनुभव की, और जिनका मैंने महसूस किया । भारत हमारे देश से कहीं अधिक ''सजीव'' है । वहां एक भिन्‍न प्रकार की ऊर्जा है और इस दौरान मुझे कहीं अधिक कार्य करने के लिए प्रेरित किया है । इस वर्ष के अन्‍त तक व्‍यवसाय प्रारंभ किया - मेरे 2016 तक के मूल लक्ष्‍य को कहीं बहुत पहले प्राप्‍त किया जो एक उदाहरण है । स्‍टाफ की विशेषज्ञता अद्वितीय थी । सूचना की इतनी विशाल मात्रा को इतने थोड़े से समय में पढ़ाने और चर्चा करने की उनकी योग्‍यता अभी भी मुझे हैरान कर देती है ।
  • कुल मिलाकर एक नितांत अनूठी पहल/स्‍टाफ/संकाय विश्‍व स्‍तरीय है, कार्यकलाप समृद्ध अनुभवों से भरपूर है तथा मैं विश्‍वास के साथ कह सकता हूँ कि यह मेरे भारत भ्रमण का अन्तिम अवसर नहीं होगा । आपके साथ पुन: व्‍यवसाय करने की कामना कर रहा हूँ ।
  • विश्‍व स्‍तरीय संकाय, संकाय सदस्‍य अत्‍यंत ज्ञानवान और सुलभ । क्षेत्र दौरे अत्‍युत्‍तम और भारतीय उद्योग के विभिन्‍न क्षेत्रकों से अलग-अलग ।
  • हमें इतना आश्‍चर्यजनक और सूचनात्‍मक अनुभव उपलब्‍ध कराने के लिए बहुत-बहुत धन्‍यवाद । मैंने खुद पूरा आनन्‍द उठाया और वास्‍तव में मुझे भारत के साथ प्‍यार हो गया है । अपने प्राथमिक मामला अध्‍ययन के लिए भारत का उपयोग करते हुए अपने शैक्षिक अध्‍ययन जारी रखूँगा ।  मैं अपने अनुसंधान कार्य के लिए अनेक प्रोफेसरों के साथ सम्‍पर्क बनाए रखूँगा ।