संकाय/प्रशासन

नाम : डॉ. नितिन सेठ

कार्य : प्रोफ़ेसर

ई-मेल : nitinseth@iift.edu

अर्हताएं

·       उत्‍तर-डॉक्‍ट्रल अनुभव (+6 मास), जीआईजेड/डीआईई, जर्मनी और इकोले डेस माइन्‍स, सेंट एटीन्‍ने, फ्रांस ।

 

           (कार्यक्रम का प्रयोजन आर्थिक सहयोग और विकास संघीय मंत्रालय, जर्मनी द्वारा गया गया था) ।

·       डॉक्‍टर ऑफ फिलासाफी (पीएच.डी) "सप्‍लाई चेन मेनेजमेंट" में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, नई दिल्‍ली, भारत (आईआईटी/डी) ।

·       स्‍नात्‍कोत्‍तर (प्रौद्योगिकी)

· भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, नई दिल्‍ली, भारत (आईआईटी/डी) ।

·       औद्योगिक इंजीनियरी और प्रबंधन में उत्‍तर-स्‍नातक ।

·       मेकेनिकल इंजीनियरी (बीई) में स्‍नातक, प्रथम श्रेणी, विश्‍वविद्यालय में द्वितीय रैंक ।


विशेषज्ञता क्षेत्र

शिक्षण रूचि

  • सप्‍लाई चेन मेनेजमेंट (संधारणीय व्‍यवसाय प्रथाओं पर बल देते हुए)।
  • ऑपरेशंस  मेनेजमेंट एण्‍ड सर्विस ऑपरेशन
  • सेवा गुणवत्‍ता
  • टोटल क्‍वालिटी मेनेजमेंट
  • परियोजना प्रबंधन

 

अनुसंधान रूचि

 

संधारणीय व्‍यवसाय प्रथाएं और ऊर्जा प्रबंधन ।


कार्य अनुभव

वर्तमान में भारतीय विदेश व्‍यापार संस्‍थान (आईआईएफटी), नई दिल्‍ली में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में सेवारत ।  अनुभव: +5 वर्ष (अप्रैल 2008 में सम्मिलित हुए) ।

 

अंतरराष्‍ट्रीय दौरे/कार्य

 

यूरोप

  • जर्मनी
  • बेल्जियम
  • फ्रांस
  • स्टिजरलेण्‍ड

 

अफ्रीका

  • तन्‍जानिया
  • अदीस अबाबा (इथोपिया)
  • काहिरा (मिस्र)
  • गेबारोन (बोट्सवाना)
  • विन्‍डहोएक (नामिबिया)
  • प्रेटोरिया (दक्षिण अफ्रीका)

 

सिंगापुर


प्रकाशन

·       अंतरराष्‍ट्रीय और राष्‍ट्रीय स्‍तर पर 35 से अधिक पेपरों का लेखन किया ।

स्‍कोपस साइटेशन्‍स +100, एच. इन्‍डेक्‍स =5, एक पत्र के लिए गुगल स्‍कॉलर साइटेशन्‍स =300

 

कुछ चुनिन्‍दा संदर्भित अंतरराष्‍ट्रीय पत्रिका प्रकाशन हैं:

  • "सर्विस क्‍वालिटी मॉडल्‍स : ए रीव्‍यु" (2005), "इन्‍टरनेशनल जरनल ऑफ क्‍वालिटी एण्‍ड रिलाएबिलिटी मेनेजमेंट", खण्‍ड-22, अंक-9, पृ. 913-949 (गुगली स्‍कालर साइटेशन्‍स +30) ।
  • "ए कन्‍सेपच्‍यूअल मॉडल ऑफ सर्विस क्‍वालि‍टी इन सप्‍लाई चेन" (2006), "जरनल ऑफ फिजिकल डिस्ट्रिब्‍युशन एण्‍ड लाजिस्टिक्‍स मेनेजमेंट", खण्‍ड-36, अंक-7, पृ. 574-575, (2010 में शीर्ष 20 डाउनलोड किए गए में से एक आईजेपीडीएलएम) ।
  • ए फ्रेमवर्क फॉर मेजरमेंट ऑफ क्‍वालिटी ऑफ सर्विस इन सप्‍लाई चेन (2006) "सप्‍लाई चेन मेनेजमेंट : इन इन्‍टरनेशनल जरनल", खण्‍ड-11, अंक-1, पृ. 82-94
  • "एसएसक्‍युएससी" ए टूल टू मेजर सप्‍लाई सर्विस क्‍वालिटी इन सप्‍लाई चेन (2006), "प्रोडक्‍शन प्‍लानिंग एण्‍ड कन्‍ट्रोल : एन इन्‍टरनेशनल जरनल", खण्‍ड-17, अंक-5, पृ. 448-463
  • "एप्‍लीकेशन ऑफ वैल्‍यु स्‍ट्रीम मैपिंग (वीएसएम), फॉर मिनिमाइजिंग ऑफ वेस्‍ट्स इन दि प्रोसेसिंग साइड ऑफ सप्‍लाई चेन ऑफ कोटनसीड आयल इन्‍डस्‍ट्री इन इण्डियन कन्‍टेक्‍स्‍ट (2008)", "जरनल ऑफ मेन्‍युफेक्‍चरिंग टेक्‍नोलाटी मेनेजमेंट", खण्‍ड-19, अंक-4, पृ. 529-550   
  • "टीडीसीपी : ए स्‍केल टू मेजर टेक्‍नालाजिकल डायमेन्‍शन्‍स ऑफ क्राइसिस प्रीपेयर्डनैस", खण्‍ड-1, अंक-3, पृ. 283-300
  • ह्युमन डायमेन्‍संस ऑफ क्राइसिस प्रीपेयर्डनैस इन दि बैंकिंग सेक्‍टर : एनआईएसएम बेस्‍ड अप्रोच (2010), "जरनल ऑफ डिसिजन साइंसिज, रिस्‍क एण्‍ड मेनेजमेंट", खण्‍ड-2, अंक-3-4, पृ. 178-198
  • "ए कन्‍सेपयुअल फ्रेमवर्क फॉर एप्‍लीकेशन ऑफ सिक्‍स सर्विस सेक्‍टर" (2011), "इन्‍टरनेशनल जरनल ऑफ सिक्‍स सिग्‍मा एण्‍ड कम्‍पीटीटिव एडवान्‍टेज", खण्‍ड-6, अंक-4, पृ. 321-338
  • "इनेबलर्स ऑफ सप्‍लाई चेन कम्‍पीटीटिवनैस : एन इन्‍टरप्रीटिव स्‍ट्रक्‍चरल माडलिंग अप्रोच" (2012), "इन्‍टरनेशनल जरनल ऑफ वैल्‍यु चेन मेनेजमेंट", खण्‍ड-5, अंक-3-4, पृ. 212-231
  • "सप्‍लाई चेन रिस्‍क एण्‍ड सिक्‍युरिटी मेनेजमेंट : एन इन्‍टरप्रीटिव स्‍ट्रक्‍चरल माडलिंग अप्रोच" (2012), "इन्‍टरनेशनल जरनल ऑफ लाजिस्टिक्‍स, इकोनामिक्‍स एण्‍ड ग्‍लोबलाइजेशन", खण्‍ड-4, अंक-1, पृ. 117-132
  • "एनेलिटिक हायर्की प्रोसेस टू असेस सप्‍लाई चेन रिस्‍क एण्‍ड सिक्‍युरिटी मेनेजमेंट (2013)", "इन्‍टरनेशनल जरनल ऑफ प्रोक्‍योरमेंट मेनेजमेंट", खण्‍ड-XX, अंक-X, पृ. 30
  • "टीक्‍युएम इम्‍प्‍लीमेन्‍टेशन ऑफ इंजीनियरिंग एज्‍युकेशन इन इण्डिया : एन इन्‍टरप्रीएटिव स्‍ट्रक्‍चरल माडलिंग अप्रोच" (2013), "टीक्‍युएम एण्‍ड बिसनिस एक्‍सीलेंस", खण्‍ड-20, अंक-X, पृ. XXX

 

सह-लिखित: "फन्‍डामेन्‍टल्‍स ऑफ मेटल कटिंग एण्‍ड मशीन टूल" नामक उनकी एक पुस्‍तक  पहले विली इन्‍टरनेशनल तथा बाद में न्‍यु एज पब्लिकेशन्‍स द्वारा प्रकाशित की गई ।


व्‍यावसायिक/शैक्षणिक संबंधित

हेण्‍डल किए गए परामर्श कार्य

 

  • केमिकल सेक्‍टर (01), आपूर्ति श्रृंखला को इष्‍टतम बनाकर सुधार
  • कन्‍ज्‍युमर इलेक्‍ट्रानिक्‍स (01), आपूर्ति श्रृंखला मेपिंग और साइकिल समय कटौती
  • फार्मेसी सेक्‍टर (02), प्रोसेस सुधारों के संबंध में अध्‍ययन
  • मेकेनिकल मशीनरी सेक्‍टर (01), चुनिन्‍दा क्षेत्रों में उत्‍पादकता सुधार