संकाय/प्रशासन

नाम : डॉ. के. रंगराजन

कार्य : प्रोफेसर, नीतिगत प्रबंधन अध्‍यक्ष-कोलकाता परिसर, अध्‍यक्ष, एमएसएमई अध्‍ययन केन्‍द्र

ई-मेल : rangarajan@iift.edu

अर्हताएं

प्रबंधन में डॉक्‍ट्रेट, प्रबंधन विशेषज्ञता के साथ वाणिज्‍य में मास्‍टर्स डिग्री, तथा मास्‍टर्स में विश्‍वविद्यालय रैंक धारक हैं । वे अपने शैक्षिक कैरिअर में सदैव प्रथम श्रेणी में रहे । उन्‍होंने, वर्जिनिया पालिटेक्निक संस्‍थान और स्‍टेट विश्‍वविद्यालय, यू एस, विश्‍व बैंक संस्‍थान, एनएएसएमई और कनाडाई संघ प्रबंधन स्‍कूलों में प्रशिक्षण प्राप्‍त किया । वह, उन प्रारम्भिक प्रत्‍या‍चत प्रबंधन शिक्षकों में एक हैं जिन्‍हें अखिल भारत प्रबंधन एसोसिएशन द्वारा प्रदान किया गया था तथा अनेक व्‍यावसायिक निकायों के, एआईएमएम (आस्‍ट्रेलिया) सहित सदस्‍य हैं । उन्‍होंने बेलेन्‍स्‍ड स्‍कोरकार्ड प्रशिक्षण संस्‍थान, अमरीका में भी प्रशिक्षण प्राप्‍त किया है ।

विशेषज्ञता क्षेत्र

नीतिगत प्रबंधन और व्‍यवसाय योजना, संगठनात्‍मक पुनर्गठन, क्‍लस्‍टर विकास और कार्यनीतियॉं, टीपीओ का प्रबंधन और राज्‍य उद्यम तथा सम्‍बद्ध क्षेत्र ।

कार्य अनुभव

शिक्षण, परामर्श, अनुसंधान और अकादमिक प्रशासन के माध्‍यम से 25 वर्षों से अधिक समय से सेवारत हैं, जिनमें एमएनसी के साथ मिडिल स्‍तर पर चार वर्ष का उद्योग अनुभव, समुद्र पार विश्‍वविद्यालय में तीन वर्ष सम्मिलित हैं, उन्‍होंने व्‍यापक रूप से यात्रा की हैं । विभिन्‍न शैक्षिक कार्यों के संबंध में यू.के., यू.एस. ओर एशिया प्रशान्‍त सहित, उन्‍होंने विभिन्‍न राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय मंचों और एसोसिएशनों में उद्योग के नीतिगत मुद्दों के संबंध में व्‍याख्‍यान दिए । वह, नीतिनिर्माताओं और उद्योग दोनों के लिए आयोजित अनेक "दक्षिण-दक्षिण" सहयोग के अन्‍तर्गत दक्षिण-पूर्व एशिया में, एसडीसी स्‍वीडन के लिए तीन वर्षीय अंतरराष्‍ट्रीय परियोजना कार्यान्वित की । उन्‍होंने, राष्‍ट्रमंडल स‍चिवालय, यू.के. के लिए भारतीय कपड़ों के निर्यात और कपड़ा उद्योग पर ईयू और यूएसजीएसपी उद्भव नियमों के लिए निहितार्थ नामक एक अनुसंधान किया । उन्‍होंने नीतिगत मुद्दों पर विभिन्‍न स्‍तरों पर एसएमई के साथ समन्‍वय किया । वे, इस क्षेत्रक के संबंध में मुद्दों पर नियमित रूप से राष्‍ट्रीय दैनिकों और संदर्भ पत्रिकाओं में भी लिखते-रहते हैं । उन्‍होंने भारत और विदेश के औद्योगिक संकलों के लिए अनेक सेमिनार/कार्यशालाएं आयोजित की । उन्‍होंने, "यूनिडो", आस्ट्रिया के लिए उनकी कपड़ा उद्योग प्रोजेक्‍ट में नूतनता के संबंध में राष्‍ट्रीय विशेषज्ञ के रूप में कार्य किया । उन्‍होंने, भारत में कार्यान्वित उनकी परियोजनाओं के लिए "यूनिडो" के मिशनों के मूल्‍यांकन के लिए राष्‍ट्रीय विशेषज्ञ के रूप में कार्य किया । उन्‍होंने बहुत से लेख लिखे हैं जिन्‍हें प्रकाशित किया गया तथा विभिन्‍न एमएनसी का मामला विश्‍लेषण भी किया ।

प्रकाशन

उन्‍होंने दो पुस्‍तकें लिखी हैं । एक "स्‍ट्रेटेजिक मेनेजमेंट एंड बिजनेस पॉलिसी" नामक अनुकूलित पुस्‍तक पियर्सन्‍स द्वारा प्रकाशित की गई तथा "वर्किंग कैपिटल मेनेजमेंट" नामक पुस्‍तक एक्‍सेल बुक्‍स द्वारा प्रकाशित की गई । उन्‍होंने अनेक प्रकाशन प्रकाशित किए जिनमें आईआईएफटी द्वारा दो ऑकेज़नल पत्र सम्मिलित हैं ।

व्‍यावसायिक/शैक्षणिक संबंधित

व्‍यावसायिक/शैक्षणिक संबंधित कार्य निम्‍नलिखित हैं:

·       बहुत सी पत्रिकाओं के लिए, "एलजेवियर" सहित, समीक्षाकर्ता ।

·       प्रमुख संस्‍थानों/विश्‍वविद्यालयों के लिए आईआईटी और आईआईएम सहित, अनुसंधान/परीक्षक ।

·       संस्‍थानों के भर्ती बोर्डों में विषय/क्षेत्र विशेषज्ञ ।

·       भारत सरकार की 12वीं पंचवर्षीय योजना तैयार करने में एमएसएमई की उप-समिति के मनोनीत सदस्‍य ।

·       आजीव सदस्‍य - "क्‍वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इण्‍डिया"

·       सीआईआई के सदस्‍य - एमएसएमई केन्‍द्र ।

·       सीआईआई के सदस्‍य - पूर्वी क्षेत्र ।

·       "फिक्‍की" के सदस्‍य - एमएसएमई केन्‍द्र ।

·       "बीएनसीसीआई" के सदस्‍य - व्‍यापार प्रोत्‍सा‍हन समिति ।

·       आईएफएलआई के सह-अध्‍यक्ष - व्‍यापार केन्‍द्र ।

·       सदस्‍य - अनुसंधान नीतिगत प्रबंधन मंच ।

·       सदस्‍य - प्रबंधन बोर्ड, अनुसंधान, नीतिगत प्रबंधन मंच ।